16 सितंबर
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के दो दिवसीय दौरे के तहत बुधवार को पश्चिमी राजस्थान पहुंचे। डीजीपी ने सीमावर्ती पुलिस थानों, बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) और गांवों का दौरा कर सुरक्षा एवं पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
नोख थाने में दिया बेहतर पुलिसिंग का मंत्र
निर्धारित कार्यक्रम के तहत डीजीपी श्री शर्मा बुधवार सुबह फलोदी के सीमावर्ती नोख थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप स्थित यह थाना दूर-दराज के क्षेत्र में है। ऐसे में जनसहयोग के साथ बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करते हुए नशा तस्करी, साइबर अपराध और सोलर कंपनियों से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिसकर्मी पूरे जज्बे के साथ कार्य करें।
उन्होंने क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था की जानकारी ली और पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। विपरीत परिस्थितियों में भी नागरिक सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्होंने पुलिसकर्मियों की सराहना की।
डीजीपी ने थाने के स्वागत कक्ष में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में आमजन के प्रति मृदु एवं सहयोगी व्यवहार रखने का आह्वान करते हुए कहा कि थाने में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति संतुष्ट होकर लौटे।
राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें: डीजीपी
डीजीपी श्री शर्मा ने ग्राम जालूवाला पहुंचकर सीमा संवाद एवं जनसुनवाई की। उन्होंने ग्रामीणों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सजग रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या थाने को देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रत्येक गतिविधि पर पुलिस की प्रभावी निगरानी होनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस का त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए।
आमजन से बेहतर समन्वय पर जोर
जनसुनवाई एवं सीमा संवाद के दौरान पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को स्थानीय नागरिकों से नियमित संवाद रखने और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आबादी कम होने के कारण प्रत्येक बीट कॉन्स्टेबल के पास गांव के हर परिवार के कम से कम एक सदस्य का संपर्क नंबर होना चाहिए। इसी तरह ग्रामीणों के पास भी संबंधित बीट कॉन्स्टेबल का मोबाइल नंबर उपलब्ध रहना चाहिए।
डीजीपी ने पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय के साथ अपराध एवं नशे की रोकथाम के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, महिला सुरक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित जानकारी नियमित रूप से साझा की जा रही है। इस जानकारी को ग्रामवार समूहों में साझा कर अंतिम छोर तक लोगों को जागरूक किया जाए।
रायचंद वाला बीओपी पर सीमा प्रहरियों से किया संवाद
डीजीपी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की रायचंद वाला बीओपी पर सीमा प्रहरियों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा, निगरानी और ड्यूटी से जुड़े विभिन्न विषयों पर फीडबैक लिया तथा विषम परिस्थितियों में देश सेवा में जुटे जवानों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ और राजस्थान पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय निरंतर बना रहेगा। बीएसएफ के सुझाव एवं सहयोग के लिए राजस्थान पुलिस हमेशा तत्पर रहेगी। इस दौरान उन्होंने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण कर बीएसएफ अधिकारियों से भी फीडबैक लिया।
जनसुनवाई में सुनीं परिवेदनाएं
श्री शर्मा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ पुलिस एवं स्थानीय नागरिकों के बीच निरंतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सजगता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनसुनवाई की और प्राप्त परिवेदनाओं पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत जालूवाला में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस के साथ निरंतर संवाद रहने से नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान डीजीपी ने आरएसी से सेवानिवृत्त मगना राम को साफा पहनाकर सम्मानित किया।
नाचना और तनोट थाना क्षेत्रों में भी किया संवाद
पुलिस महानिदेशक श्री शर्मा ने बुधवार दोपहर बाद जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र के ग्राम भारेवाला और तनोट थाना क्षेत्र के ग्राम रणाउ में सीमा संवाद एवं जनसुनवाई की। उन्होंने ग्रामीणों से पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न अपराधों एवं नशे की रोकथाम में सहयोग करने का आह्वान किया।
शाम को डीजीपी ने बॉर्डर आउट पोस्ट पर सीमा प्रहरियों से संवाद किया और सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस कुंवर राष्ट्रदीप, बीएसएफ उप महानिरीक्षक जितेंद्र सिंह, जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह, पुलिस अधीक्षक सीआईडी (एसएसबी जोधपुर) नरपत सिंह, बीएसएफ कमांडेंट एन.पी. नेगी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
गुरुवार को पांच जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक
दौरे के दूसरे दिन गुरुवार सुबह पुलिस महानिदेशक श्री तनोटराय माता मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद सांगड़ थाने का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों से संवाद किया जाएगा।
इसके बाद वे बालोतरा के सिणधरी थाने पहुंचेंगे, जहां बालोतरा एवं बाड़मेर के पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। दोपहर 3 बजे जालोर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जालोर, पाली और सिरोही के पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था एवं अपराध की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
