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राज उन्नति बैठक में 15 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांव, गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं के केंद्र में हैं। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ गांव-ढाणी तक समग्र विकास के लिए सरकार ने कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और बिजली सहित जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की 9वीं बैठक में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं, योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन को योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ समय पर मिले, इसके लिए स्वीकृति, निविदा और कार्यादेश समय पर जारी किए जाएं तथा कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों। सभी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। अधिकारी कार्यालयों से बाहर निकलकर फील्ड में कार्यों का निरीक्षण करें। प्रत्येक योजना की हर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग हो और प्रशासन आमजन से जुड़कर कार्य करे।

अटल प्रगति पथों से गांवों में बेहतर होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथों के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को वर्ष 2025-26 के शेष कार्य और वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के प्रगतिरत कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, वर्ष 2026-27 के द्वितीय चरण के सभी निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने को कहा।

उन्होंने अटल प्रगति पथों के लिए जिलेवार टाइमलाइन तय करने और निर्माण की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा और आमजन की जनसुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।

65,308 स्कूलों का तकनीकी सर्वे पूरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल भवनों के पुनरुद्धार के साथ उनमें आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करेगी। इस दिशा में करीब 12,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी 41 जिलों के 65,308 राजकीय विद्यालयों का सघन तकनीकी सर्वे पूरा किया गया है।

सर्वे के आधार पर 3,587 जर्जर स्कूल भवनों और करीब 71,078 कक्षा-कक्षों के साथ विद्युत, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में स्कूलों में सुविधाओं के विकास के लिए 3,364 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर 1,220 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। करीब 2,500 करोड़ रुपये के 5,000 कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि 652 नए स्कूल भवनों को प्रशासनिक स्वीकृति देकर निविदा प्रक्रिया में लिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में 82 में से 80 कार्य प्रगतिरत हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की आधारभूत संरचना में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। वर्ष 2018 से 2023 तक इस मद में 2,287 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सितंबर 2026 तक 2,973 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।

पंचायत मुख्यालयों पर बनेंगे अटल ज्ञान केंद्र

ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकसित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग को प्रथम चरण के शेष कार्य जल्द पूरा करने और दूसरे चरण में 2,000 अटल ज्ञान केंद्रों की स्थापना की स्वीकृति शीघ्र जारी करने को कहा।

प्रथम चरण में प्रदेश में 2,052 केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 628 पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण में 3,000 अटल ज्ञान केंद्र बनाए जाने हैं, जिनमें से 1,000 केंद्रों की स्वीकृति जारी हो चुकी है। इन केंद्रों में पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

46 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा पोषण का लाभ

पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने और इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को सभी जिलों में जल्द से जल्द दूध पाउडर की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने स्कूल शिक्षा, गोपालन और वित्त विभाग को आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि दूध पाउडर की आपूर्ति बाधित न हो। योजना के तहत करीब 46 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है और इसके लिए करीब 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

वीबी-जीरामजी के तहत 3.29 करोड़ मानव दिवस रोजगार

मुख्यमंत्री ने वीबी-जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जरूरतमंद पात्र परिवार को योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई से अब तक 3 करोड़ 29 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसंबर 2026 तक सभी प्रगतिरत आवासों को पूरा कराने और लाभार्थियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने वर्ष 2026-27 के आवंटित लक्ष्यों की स्वीकृति जल्द जारी करने तथा वन भूमि में निवासरत भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि और आवास आवंटित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों की 8.68 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण

ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को परिवेदनाओं का शीघ्र निस्तारण करने और इसकी लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा।

1 जनवरी से 21 सितंबर 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों से कुल 8,97,808 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,68,425 का निस्तारण किया जा चुका है। केवल 3.27 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से संबंधित शिकायतों का जनसेवा शिविरों के माध्यम से प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को उन ग्राम पंचायतों में पंचायत समिति स्तर पर एक साथ शिविर आयोजित करने को कहा, जहां अभी शिविर नहीं हुए हैं। इन शिविरों में पेयजल, जलभराव और सड़क संबंधी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

आरआईटी के लिए विधानसभा में पेश होंगे विधेयक

मुख्यमंत्री ने भरतपुर, बीकानेर और अजमेर के तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के रूप में विकसित करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग को आरआईटी की स्थापना के लिए विधानसभा में विधेयक पेश करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और विधि विभाग से आवश्यक सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिए।

इन आरआईटी की स्थापना पर राज्य सरकार करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को आवश्यक वित्तीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश भी दिए।

छह नए ट्रोमा सेंटरों की प्रगति की समीक्षा

प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए छह नए ट्रोमा सेंटरों के निर्माण की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ट्रोमा सेंटर कोलाना (बांदीकुई) और दलोत (प्रतापगढ़) के कार्य 31 मार्च 2027 तक तथा देसूरी (पाली) का कार्य मार्च 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आरयूएचएस जयपुर में ट्रोमा सेंटर के उन्नयन का कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने और सांडेराव (पाली) में ट्रोमा सेंटर का निर्माण कार्ययोजना बनाकर जल्द शुरू करने को कहा। चिकित्सा विभाग ने बताया कि दूदू में ट्रोमा सेंटर का कार्य पूरा हो चुका है।

आमजन को राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में व्यक्तिगत परिवेदनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बीकानेर जिले के लूणकरणसर उप जिला अस्पताल में प्रसूता श्रीमती बुस्कारो को जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के भुगतान तथा धौलपुर के कटेलपुरा गांव में विद्यालय के मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ की समस्या के समाधान की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित शिकायतकर्ताओं से बातचीत भी की।

परिवेदनाओं के निस्तारण पर शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जिला कलेक्टरों को आमजन को राहत पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में आयोजित राज उन्नति की बैठकों में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने और उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

10 योजनाएं 10 दिसंबर तक स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर

मुख्यमंत्री ने सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रियल टाइम सिस्टम (स्मार्ट) योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार छात्रवृत्ति, स्वयं सहायता समूहों को ऋण, लाडो प्रोत्साहन योजना, गार्गी पुरस्कार और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित 10 प्रमुख योजनाओं को आगामी 10 दिसंबर तक स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाओं के नियमों में आवश्यक संशोधन करने और मुख्य सचिव को इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत वर्ष 2025-26 और 2026-27 के विकास कार्य 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरे करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए लगातार मॉनिटरिंग पर जोर दिया।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

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