9 सितंबर
गतिशील, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अब ई-जनसुनवाई प्रक्रिया शुरू की गई है। बुधवार को जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अभय कुमार ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) पहुंचकर इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने परिवादियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं तथा उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने ई-जनसुनवाई के माध्यम से परिवादी भागचंद यादव और मुकेश प्रजापत की समस्याएं सुनीं और उन्हें समझने के बाद विभागीय अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। अधिकारियों को निर्देशित कर दोनों प्रकरणों में मौके पर ही समाधान की कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
एसीएस श्री अभय कुमार ने कहा कि वीडियो सुनवाई के माध्यम से परिवादी अपनी समस्या को बेहतर तरीके से समझा सकता है। साथ ही, मौके पर यह भी स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित अधिकारी ने परिवादी की समस्या को सही ढंग से समझा है या नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से समस्या समाधान की गुणवत्ता और परिवादियों के संतुष्टि स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।
श्री कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि, लंबित मामलों, कम संतुष्टि वाली श्रेणियों तथा जल संसाधन विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्राप्त शिकायतों के डेटा का प्रभावी विश्लेषण करने के लिए पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सक्षम किया जा रहा है। उन्होंने AI आधारित तकनीक के उपयोग की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि AI आधारित तकनीक के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग, डेटा विश्लेषण तथा प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय अपनाने तथा विभागीय अधिकारियों को परिवादियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग, इंदिरा गांधी नहर तथा सिंचित क्षेत्र विकास विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति का भी मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर जल संसाधन विभाग, इंदिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग तथा राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन के अधिकारी उपस्थित रहे।
