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राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 की कार्यप्रणाली का अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशिक्षण एवं एचसीएम रीपा महानिदेशक ने किया निरीक्षण

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एआई-सक्षम वॉइस चैटबॉट के रिस्पॉन्स की सराहना, परिवाद निस्तारण में गुणात्मक सुधार के निर्देश
— केंद्र प्रवर्तित योजनाओं से संबंधित परिवेदनाओं के पृथक श्रेणीकरण का सुझाव
— वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित ई-जनसुनवाई में सुनी आमजन की समस्याएं, त्वरित समाधान के निर्देश

15 सितंबर

 अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशिक्षण एवं एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 एवं संपर्क पोर्टल की कार्यप्रणाली का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तरीय डैशबोर्ड का अवलोकन करते हुए आमजन की समस्याओं के पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एआई आधारित वॉइस चैटबॉट की कार्यप्रणाली परखी

निरीक्षण के दौरान श्रीमती गुहा ने संपर्क पोर्टल पर संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वॉइस चैटबॉट की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया। उन्होंने चैटबॉट के माध्यम से प्राप्त हो रहे ग्रीवांस रिस्पॉन्स की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वॉइस चैटबॉट के माध्यम से संचालित शिकायत निस्तारण व्यवस्था में निरंतर सकारात्मक एवं गुणात्मक सुधार किया जाए, ताकि परिवादी सहजता से अपनी समस्या दर्ज करा सकें और उन्हें त्वरित एवं प्रभावी समाधान मिल सके।

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए पृथक श्रेणीकरण का सुझाव

समीक्षा के दौरान श्रीमती गुहा ने सुझाव दिया कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एवं केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभ से संबंधित प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं को पृथक श्रेणी में वर्गीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी योजनाओं से जुड़े प्रकरणों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ई-जनसुनवाई में सीधे सुनीं आमजन की समस्याएं

महानिदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित ई-जनसुनवाई व्यवस्था का भी प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने जनसुनवाई से जुड़े परिवादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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