मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा है कि राज्य में कार्यरत सीजीडी संस्थाएं उन क्षेत्रों में प्राथमिकता से घरेलू पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने के लिए डीपीएनजी कनेक्शन प्रदान करें, जहां इसके लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विशेष फोकस के चलते साढ़े तीन माह में, 30 सितंबर तक, 40 हजार नए परिवारों को डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) सुविधा से जोड़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा कि एलपीजी से डीपीएनजी में स्थानांतरण को सुगम बनाने के लिए सीजीडी संस्थाओं और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
मुख्य सचिव शुक्रवार को सचिवालय में राज्य में कार्यरत सीजीडी संस्थाओं के साथ घरेलू प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अधिक से अधिक परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी पीएनजी सुविधाओं से जोड़ने पर है।
राजकीय आवासों को भी डीपीएनजी से जोड़ने के निर्देश
मुख्य सचिव ने राजकीय आवासों को भी डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने के निर्देश दिए और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को जिला स्तर पर समन्वय स्थापित कर एलपीजी कनेक्शनों को डीपीएनजी कनेक्शनों में स्थानांतरित कराने के निर्देश भी दिए।
दिसंबर तक 60 नए सीएनजी स्टेशन का लक्ष्य
श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य में सीएनजी स्टेशन नेटवर्क का भी विस्तार किया जाना है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं को इस लक्ष्य की दिसंबर तक पूर्ति के लिए कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिए।
खाद्य सचिव श्री रोहित गुप्ता ने बताया कि जिला रसद अधिकारियों को जिला स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए सीजीडी संस्थाओं के सहयोग से डीपीएनजी कनेक्शन जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन माह में 30 हजार से अधिक परिवार डीपीएनजी से जुड़े
विशिष्ट सचिव, माइंस, श्रीमती नम्रता वृष्णि ने बताया कि विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप तीन माह में ही 30 हजार से अधिक नए परिवारों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कार्यरत सीजीडी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
निदेशक, पेट्रोलियम, श्री अवधेश सिंह ने बैठक में डीपीएनजी एवं गैस नेटवर्क विस्तार की प्रगति से अवगत कराया।
17 जियोग्राफिकल एरियाज में 13 सीजीडी संस्थाएं कर रहीं कार्य
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) के प्रबंध निदेशक श्री विनय पाटनी ने बताया कि राज्य में 13 सीजीडी संस्थाओं द्वारा 17 जियोग्राफिकल एरियाज में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इनके माध्यम से डीपीएनजी, औद्योगिक एवं व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन के साथ-साथ सीएनजी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 23 नए सीएनजी स्टेशन, 99 औद्योगिक कनेक्शन और 314 व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
बैठक में पेट्रोलियम विभाग से श्री दिलीपराज, श्री सुशील हुड्डा एवं श्री अंकित सोनी, आरएसजीएल से श्री गगनदीप राजोरिया तथा सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
