राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) के प्रबंध निदेशक श्री विनय पाटनी ने कहा है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार का फोकस एलपीजी कनेक्शनों को डीपीएनजी कनेक्शनों में परिवर्तित करने पर है। इसके लिए आरएसजीएल सहित सीजीडी संस्थाओं द्वारा आधारभूत संरचना के तेजी से विस्तार तथा विस्तारित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर डीपीएनजी के साथ औद्योगिक एवं व्यावसायिक कनेक्शन जारी करने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से डीपीएनजी सुविधा से जुड़ने का आग्रह किया।
आरएसजीएल के 14वें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए एमडी श्री विनय पाटनी ने कहा कि डीपीएनजी हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा का माध्यम होने के साथ-साथ सुरक्षित, सहज उपलब्ध और 24×7 सेवा सुविधा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सीजीडी संस्थाओं द्वारा करीब 2 लाख परिवारों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। वहीं, आरएसजीएल ने पिछले तीन माह में करीब 4,500 नए परिवारों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ा है तथा 66 व्यावसायिक कनेक्शन जारी किए हैं।
आरएसजीएल के उप महाप्रबंधक श्री सी.पी. चौधरी एवं श्री विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि घरेलू डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने के साथ ही हॉस्टल, होटल, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। उपलब्ध आधारभूत संरचना वाले क्षेत्रों में कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं।
आरएसजीएल के मुख्य वित्त अधिकारी श्री दीप्तांशु पारीक, उप प्रबंधक (आईटी) श्री गगनदीप राजोरिया, सीएस श्रीमती विनिता सोनी, मीडिया प्रभारी श्री राजेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिक भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।
