मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। उन्होंने दीपावली एवं आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक उपाय समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने एनसीआर में औद्योगिक प्रदूषण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस कचरे, पराली एवं बायोमास जलाने तथा यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी संबंधित विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
‘परिवर्तन’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को ‘परिवर्तन’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बीएस-VI से पूर्व के ट्रकों एवं बसों को बीएस-VI मानक वाले वाहनों अथवा सीएनजी एवं ईवी जैसे स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों से प्रतिस्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित करने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में ई-बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ईवी को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) व्यवस्था स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सड़क पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा
श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि सड़क की धूल (रोड डस्ट) एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग सहित अन्य उपाय प्राथमिकता से लागू किए जाएं।
उन्होंने अलवर, भरतपुर, भिवाड़ी एवं नीमराना में सड़क पुनर्विकास, निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत सड़क कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं तथा स्वीकृत नई सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर कार्य प्रारंभ किए जाएं।
मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए।
औद्योगिक प्रदूषण पर प्रभावी निगरानी
मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निरंतर निगरानी की जाए तथा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को औद्योगिक एवं अन्य प्रमुख प्रदूषण स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में पराली एवं बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर निगरानी एवं समन्वय को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एनसीआर में प्रदूषण प्रबंधन की लगातार निगरानी की जा रही है। इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी एवं समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए, ताकि खुले में कचरा डालने और उससे होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
यातायात जाम वाले स्थानों पर डी-कंजेशन उपाय लागू करने के निर्देश
श्री वी. श्रीनिवास ने एनसीआर क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या एवं उससे होने वाले प्रदूषण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार डी-कंजेशन उपाय लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अतिक्रमण के कारण यातायात जाम वाले स्थानों की पहचान कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए। इस संबंध में संबंधित विभागों की समन्वित समिति गठित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
प्रत्येक 15 दिन में होगी प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की समीक्षा
मुख्य सचिव ने बैठक में एनसीआर क्षेत्र के औसत मासिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के ट्रेंड की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्री आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव यूडीएच श्री आलोक गुप्ता, पुलिस महानिदेशक यातायात श्रीमती मालिनी अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव परिवहन विभाग श्री भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्रीमती मंजू राजपाल, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु श्रीमती शैलजा देवल, सदस्य सचिव राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल श्री कपिल चंद्रवाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
