अजमेर के विकास और पुष्कर तक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में रविवार को अहम प्रगति हुई। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने वरुण सागर लक्की चौराहा से खरेखड़ी तक 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि पुष्कर तक जाने के लिए एक नया और उन्नत वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। पुष्कर जाने वाले लोग अब घाटी के साथ-साथ इस मार्ग का भी उपयोग कर सकेंगे।
चामुंडा चौराहे से वरुण सागर तथा खरेखड़ी से सावित्री मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के कार्य को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद यह मार्ग रिंग रोड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने रविवार को खरेखड़ी रोड स्थित लक्की तिराहा पर आयोजित कार्यक्रम में 12 करोड़ रुपये की लागत से वरुण सागर-खरेखड़ी-पुष्कर रोड एवं वरुण सागर-अजमेर रोड के सड़क निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने काजीपुरा लक्की चौराहे स्थित गली नंबर एक में बरमा टेंट हाउस से सोनू स्वामी एवं दिलीप सिंह के मकान तक 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया। दोनों सड़कों का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।
15 वर्षों में गांवों को शहर के समान विकसित करने का प्रयास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री देवनानी ने कहा कि लगभग 15 वर्ष पूर्व परिसीमन के बाद यह क्षेत्र अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में जुड़ा था। उस समय उन्होंने कहा था कि ये गांव उनके अपने गांव हैं और आगामी 15 वर्षों में इन्हें शहर के समान विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। आसपास के वार्डों को मिलाकर इस क्षेत्र में लगभग 81 करोड़ रुपये के विकास कार्य वर्तमान में चल रहे हैं।
श्री देवनानी ने कहा कि चामुंडा चौराहे से वरुण सागर गेट तक, वरुण सागर-लक्की चौराहा-खरेखड़ी तक और आगे खरेखड़ी से सावित्री माता तक सड़क का कार्य पूर्ण होने पर पुष्कर आने-जाने के लिए शहरवासियों को एक नया और उन्नत वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। पुष्कर जाने वाले लोग घाटी के साथ-साथ इस मार्ग का भी उपयोग कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आनासागर पुलिस चौकी से चामुंडा चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा। यह सड़क अजमेर की आदर्श सड़कों में शामिल होगी। उन्होंने कहा कि यह मार्ग अजमेर में रिंग रोड के विकास की दिशा में एक अहम कड़ी साबित होगा। इससे आसपास के गांवों का शहर से संपर्क बेहतर होगा और आवागमन सुगम होगा।
वरुण सागर के विकास पर 31 करोड़ रुपये खर्च
श्री देवनानी ने कहा कि वरुण सागर की डी-सिल्टिंग, सौंदर्यीकरण एवं विकास के 31 करोड़ रुपये के कार्य प्रगतिरत हैं। अगले महीने वरुण सागर में मूर्ति स्थापना का कार्य भी पूरा हो जाएगा। डी-सिल्टिंग के बाद वरुण सागर की जलभराव क्षमता बढ़ेगी, जिससे इसके पानी का उपयोग खेती के साथ-साथ पेयजल के लिए भी किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि यहां 3 करोड़ रुपये की लागत से 5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी प्लांट बनाया जा रहा है। नगर निगम से जुड़े इस क्षेत्र में हजारों स्ट्रीट लाइटें लगवाई जा चुकी हैं। विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर तक पानी की पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है।
काजीपुरा में लेपर्ड सफारी का कार्य प्रगतिरत
श्री देवनानी ने कहा कि काजीपुरा में 18 करोड़ रुपये की लागत से लेपर्ड सफारी प्रोजेक्ट का कार्य प्रगतिरत है। इसमें मुख्य द्वार, टिकट विंडो एवं ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि दिसंबर के अंत तक यहां लेपर्ड देखने को मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वरुण सागर से सटकर सुरक्षा दीवार तथा वरुण सागर से चामुंडा चौराहे तक 7 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण, डिवाइडर एवं दोनों तरफ नाली निर्माण के साथ सड़क चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसकी स्वीकृति पूर्व में जारी हो चुकी थी, लेकिन आचार संहिता के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था।
मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता : महापौर
कार्यक्रम में अजमेर की नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती अनामिका शर्मा ने वार्डवासियों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि मूलभूत सुविधाओं—सड़क, नाली, पेयजल, सफाई, सुरक्षा एवं आवासीय पट्टों—पर विशेष ध्यान दिया जाए। अजमेर के प्रत्येक वार्ड में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों को विश्वास दिलाया कि विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे और मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वे आमजन की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगी।
महापौर ने आमजन से सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि खाली प्लॉटों में कचरा नहीं डालें। इससे विचरण करने वाले पशु बीमार होते हैं और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
