प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें अच्छे स्वास्थ्य को जीवन के चार पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—की प्राप्ति का प्रमुख आधार बताया गया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:
“सुखोपविष्टास्ते तत्र पुण्यां चक्रुः कथामिमाम्।
धर्मार्थकाममोक्षाणामारोग्यं मूलमुत्तमम्।।”
इसका भावार्थ है कि शांत भाव से बैठे महान ऋषियों ने इस पवित्र कथा का वर्णन किया। इसमें कहा गया है कि जीवन के चार पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—की प्राप्ति के लिए उत्तम स्वास्थ्य ही प्रमुख आधार है।
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