एक अफवाह… और चार जिंदगियां खत्म। मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा के पास एक ऐसा दर्दनाक रेल हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। खजुराहो से उदयपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने की अफवाह फैली, अफरा-तफरी मची और कुछ ही पलों में चार लोगों की जान चली गई।
रविवार शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर और धौलपुर रेलवे स्टेशन के बीच अपने सफर पर थी। तभी ट्रेन के एक कोच में अचानक मोबाइल ब्लास्ट होने की चर्चा फैल गई। देखते ही देखते यात्रियों में दहशत फैल गई और किसी ने इमरजेंसी चेन पुलिंग कर ट्रेन को बीच रास्ते में रोक दिया।

ट्रेन रुकते ही कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए कोच से नीचे उतर गए। घबराहट इतनी ज्यादा थी कि कुछ लोग बगल की रेलवे लाइन पर जाकर खड़े हो गए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि मौत उसी पटरी पर उनकी ओर बढ़ रही है।
इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस वहां पहुंची। ट्रैक पर खड़े यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ट्रेन उन्हें अपनी चपेट में लेती हुई निकल गई। हादसा इतना भयावह था कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में बीकानेर निवासी 60 वर्षीय बिरमा देवी, आगरा निवासी 60 वर्षीय शंकुतला सिंह, 35 वर्षीय आफरीन और 4 वर्षीय मासूम असद शामिल हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेलवे की शुरुआती जांच में मोबाइल फटने या किसी प्रकार के ब्लास्ट की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि आखिर यह जानलेवा अफवाह किसने फैलाई।
एक झूठी अफवाह… कुछ मिनटों की घबराहट… और चार लोगों की दर्दनाक मौत। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
