सरसंघचालक बोले – भारत कभी झुका नहीं, महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्र स्वाभिमान और संगठन का प्रेरणास्रोत
उदयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास का सत्य यही है कि विजय महाराणा प्रताप की हुई थी। उन्होंने कहा कि मुगलों के इतिहासकार स्वयं लिखते हैं कि युद्ध के बाद मुगल सेना को पीछे हटना पड़ा था। ऐसे में प्रश्न उठता है कि यदि मुगलों को पीछे हटना पड़ा और कठिन परिस्थितियों में अपने ही घोड़ों का मांस खाने तक की नौबत आ गई, तो विजय किसकी हुई? उन्होंने कहा कि यह तथ्य स्पष्ट करता है कि महाराणा प्रताप का संघर्ष केवल युद्ध नहीं बल्कि स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक था।
भागवत ने कहा कि आज दुनिया में कहीं भी अकबर की जयंती नहीं मनाई जाती, जबकि महाराणा प्रताप की जयंती देशभर में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई जाती है। इससे स्पष्ट होता है कि जनता के हृदय में वास्तविक विजेता कौन है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया कि भारत कभी झुका नहीं है, भारत सदैव जीवित, जागृत और शक्तिशाली रहा है तथा किसी भी आक्रांता को परास्त करने की क्षमता रखता है। उन्होंने राजस्थानी लोकपंक्ति “माई एहड़ा पूत जण, जेड़ा राणा प्रताप” का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें भी महाराणा प्रताप की तरह समाज को संगठित कर राष्ट्रहित के ध्येय पर अडिग रहना चाहिए।
