झीलों की नगरी में विकास की खुदाई या बदहाली का रास्ता? हिरणमगरी से बड़गांव, देवाली से नीमच माता तक सड़कें बनीं परेशानी का सफर
उदयपुर। झीलों और पर्यटन के लिए दुनिया में पहचान रखने वाला उदयपुर इन दिनों अपनी सड़कों की हालत को लेकर सवालों के घेरे में है। शहर के कई इलाकों में टूटी सड़कें, बड़े-बड़े गड्ढे, अधूरी खुदाई और निर्माण कार्यों के कारण आम लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन अधूरे काम और खराब मरम्मत व्यवस्था से परेशानी लगातार बढ़ रही है।
हिरणमगरी, बड़गांव, देवाली, नीमच माता रोड सहित कई क्षेत्रों में सड़क किनारे खुदाई, उबड़-खाबड़ रास्ते और गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह निर्माण सामग्री और खुले हिस्से यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
सवाल यह है कि स्मार्ट सिटी और विकास योजनाओं के बीच शहर की आम सड़कें कब सुधरेंगी? क्या हर बार सड़क खोदने के बाद उसकी मजबूत मरम्मत की जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए? उदयपुर आने वाले पर्यटक हों या रोजाना सफर करने वाले शहरवासी, सभी पूछ रहे हैं—आखिर खूबसूरत शहर की सड़कों की यह हालत कब बदलेगी?
प्रशासन और संबंधित विभागों से लोगों की मांग है कि गड्ढों की मरम्मत, अधूरी खुदाई को पूरा करने और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सड़कें राहत का रास्ता बनें, परेशानी का नहीं।
