जयपुर में VIP मूवमेंट के दौरान मोमोज ठेला हटाने पर विवाद, खौलता पानी गिरने से युवती झुलसी; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में मुख्यमंत्री के काफिले के मूवमेंट के दौरान मोमोज का ठेला लगाने वाली एक युवती के झुलसने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों में कहा गया कि पुलिसकर्मी द्वारा ठेले पर कार्रवाई के दौरान खौलता पानी महिला पर गिर गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना जयपुर के जगतपुरा इलाके के महल रोड क्षेत्र की बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, दो बहनें सड़क किनारे मोमोज का ठेला लगाकर अपना परिवार चला रही थीं। आरोप है कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रास्ता साफ करवाने के दौरान पुलिसकर्मी ठेला हटाने पहुंचे। इसी दौरान ठेले को हटाने की कोशिश में उस पर रखा गर्म पानी गिर गया, जिससे युवती झुलस गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से कुछ समय मांगा था क्योंकि बर्तन में पानी उबल रहा था, लेकिन इसके बावजूद ठेले को हटाने की कोशिश की गई। हादसे में युवती के शरीर के कई हिस्सों में जलने की बात सामने आई है।
वहीं इस पूरे मामले में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि “पुलिस ने खौलता पानी फेंका”, जबकि उपलब्ध जानकारी में घटना ठेले को हटाने के दौरान पानी गिरने से जुड़ी बताई जा रही है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि किसी पुलिसकर्मी ने जानबूझकर पानी फेंका था।
घटना के बाद VIP मूवमेंट के दौरान आम लोगों और छोटे व्यापारियों के साथ प्रशासनिक व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
मामले में पुलिस की भूमिका, मौके पर मौजूद कर्मियों की कार्रवाई और पूरी घटना की परिस्थितियों की जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गलती किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
फैक्ट चेक निष्कर्ष:
✅ घटना और युवती के झुलसने की खबर सही पाई गई।
⚠️ “पुलिस ने जानबूझकर खौलता पानी फेंका” — इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
✅ विवाद ठेला हटाने और VIP मूवमेंट के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है।
