सड़कों पर पिटते पत्रकार… क्या भारतीय पत्रकारिता अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है?”
जब पत्रकार ही असुरक्षित हो जाए, तो लोकतंत्र की आवाज़ कौन बनेगा? दिल्ली की सड़कों पर पत्रकारों के साथ हुई मारपीट, धक्का-मुक्की और सार्वजनिक अपमान के वायरल वीडियो केवल कुछ घटनाएँ नहीं हैं। ये दृश्य भारतीय पत्रकारिता के सामने खड़े उस गहरे संकट की ओर इशारा करते हैं, जिसे अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।…
