राजस्थान में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर हुआ विचार-विमर्श
— यूनिसेफ और राज्य सरकार की साझेदारी से नवाचार एवं साक्ष्य-आधारित समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने पर चर्चा
— बाल अधिकारों को प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन से जोड़ने के प्रस्ताव का प्रमुख शासन सचिव ने किया स्वागत
15 सितंबर
राज्य सरकार प्रदेश में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समान रूप से सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में मंगलवार को यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि श्री जेस्पर मोलर ने शासन सचिवालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, मौजूदा चुनौतियों एवं आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के साथ विशेष रूप से संवेदनशील एवं वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में राजस्थान सरकार एवं यूनिसेफ के बीच जारी साझेदारी को और मजबूत करने तथा नई स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान, नवाचार एवं बेहतर स्वास्थ्य परिणामों की दिशा में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नवाचार एवं साक्ष्य-आधारित समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने पर चर्चा
श्री जेस्पर मोलर ने स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद इक्विटी गैप्स पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की क्षमता है, जबकि यूनिसेफ नवाचार, साक्ष्य-आधारित समाधानों एवं प्रभावी मॉडल विकसित करने में सहयोग कर सकता है। बैठक में इन समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
बैठक में लाइफ-साइकिल अप्रोच को और मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर कन्वर्जेंस एवं समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य माताओं एवं नवजातों से लेकर बच्चों एवं किशोरों तक स्वास्थ्य सेवाओं को समग्र दृष्टिकोण के साथ सुदृढ़ करना है।
प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों को शामिल करने का प्रस्ताव
यूनिसेफ के उप प्रतिनिधि ने प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों के दृष्टिकोण को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए यूनिसेफ से इस संबंध में विस्तृत कॉन्सेप्ट नोट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
किशनगढ़ एसएनसीयू के प्रयासों की सराहना
श्री जेस्पर मोलर ने प्रमुख शासन सचिव को अपने राजस्थान दौरे के दौरान किशनगढ़ स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के भ्रमण के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने वहां चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा कमजोर एवं गंभीर नवजातों की जीवन रक्षा के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों का अवलोकन किया और फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता एवं सेवाभाव की सराहना की।
यूनिसेफ के आगामी कंट्री प्रोग्राम पर भी चर्चा
बैठक में यूनिसेफ के आगामी कंट्री प्रोग्राम 2028–2032 को लेकर प्रारंभिक चर्चाओं तथा राजस्थान की स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। नई एवं उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के साथ वर्तमान उपलब्धियों को बनाए रखने तथा जिन क्षेत्रों में अभी गैप हैं, उन्हें दूर करने के लिए यूनिसेफ के निरंतर सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया।
बैठक के अंत में राजस्थान सरकार एवं यूनिसेफ ने नवजात एवं बाल स्वास्थ्य प्रणालियों को और सुदृढ़ करने तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचे। विशेष रूप से माताओं, नवजातों, बच्चों एवं किशोरों जैसे संवेदनशील वर्गों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
