15 सितंबर
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा 20 सितंबर 2026 को प्रदेश के 11 जिलों में उप-निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा को सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 15 सितंबर को आरपीएससी अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह की अध्यक्षता में पुलिस एवं प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। दो घंटे से अधिक चली बैठक में परीक्षा की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
अनुचित साधनों और फर्जीवाड़े पर होगी सख्त कार्रवाई
आरपीएससी अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि अथवा डमी अभ्यर्थी बैठाने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच एवं फेस रिकग्निशन के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के तहत त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
11 जिलों में बनाए गए 666 परीक्षा केंद्र
आयोग द्वारा परीक्षा के लिए 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 2 लाख 18 हजार 131 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
जिलेवार परीक्षा केंद्रों की संख्या इस प्रकार है:
- अजमेर — 74
- अलवर — 48
- भरतपुर — 58
- बीकानेर — 47
- हनुमानगढ़ — 23
- जयपुर — 187
- जोधपुर — 81
- कोटा — 58
- श्रीगंगानगर — 10
- टोंक — 16
- उदयपुर — 64
परीक्षा दो पारियों में आयोजित होगी। प्रथम पारी में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा। वहीं दूसरी पारी में दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
17 सितंबर को जारी होंगे प्रवेश पत्र
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 17 सितंबर 2026 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। अभ्यर्थी आवश्यक विवरण दर्ज कर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य
वर्तमान नियमों के अनुसार इस परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य किया गया है। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे पांचवां गोला भरना होगा।
इस प्रक्रिया के लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। आयोग द्वारा इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी किया जा चुका है।
परीक्षा केंद्र पर दो घंटे पहले पहुंचना होगा
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी परिस्थिति में अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
डमी अभ्यर्थियों पर नकेल, हाईटेक डिवाइसेज पर भी नजर
परीक्षा में नकल, जालसाजी एवं डमी अभ्यर्थियों की रोकथाम के लिए थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन के माध्यम से सघन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रवेश के दौरान एचएचएमडी एवं बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी।
इसके अलावा मेटा ग्लासेस, ब्लूटूथ डिवाइसेज और अन्य हाईटेक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन की रहेगी सघन निगरानी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी, रिक्रूटमेंट एवं क्राइम), सभी जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से परीक्षा के निर्बाध एवं पारदर्शी आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित एसओपी के अनुसार वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पूर्व में डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर एसओजी एवं एटीएस द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है।
