केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव तथा वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में पंचायत समिति उमरैण में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पोषण को लेकर व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनसे लगभग 9 करोड़ लाभार्थी सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प वर्ष 2047 तक आने वाली पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के साथ उसे संस्कारवान बनाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार कुपोषण को दूर करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उनमें संस्कारों के निर्माण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
श्री यादव ने कहा कि अलवर के चहुंमुखी विकास के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता के लिए डेयरी, को-ऑपरेटिव बैंक तथा स्वयं सहायता समूहों सहित विभिन्न गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने कहा कि विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान करने के साथ महिला लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें विशेष भेंट के रूप में आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई तथा लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की बात कही।
महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक श्री विजय कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान आकर्षक रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें गोद भराई, अन्नप्राशन, सुपोषण दिवस, प्रवेश उत्सव एवं जन स्वास्थ्य दिवस प्रमुख रहे। महिलाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं एवं गतिविधियों के माध्यम से जागरूक भी किया गया।
