प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव समर्पित रहने वाले व्यक्ति सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगन और सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्यक्तियों को यह समझना चाहिए कि समर्पित कर्म किस प्रकार उन्हें सर्वोच्च सिद्धि की ओर ले जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए लिखा—
“स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः।
स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु॥”
इस सुभाषितम् का भावार्थ है कि अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव समर्पित रहने वाला व्यक्ति सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करता है। लगन और सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से व्यक्ति सफलता और सिद्धि के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है।
