प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और पशुपालकों तक गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले रोजगार मेले में प्रदेश के 1,100 वेटरनरी डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
जयपुर में आयोजित होने वाले रोजगार मेले में 400 वेटरनरी डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि शेष नियुक्ति पत्र जिलों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे।
पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीणा ने बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में वेटरनरी डॉक्टर्स की नियुक्ति से प्रदेश की पशु चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे पशुपालकों को समय पर उपचार, रोगों की रोकथाम, टीकाकरण एवं पशु स्वास्थ्य से संबंधित विशेषज्ञ सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों का सीधा लाभ प्रदेश के पशुपालकों और पशुधन को मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ पशुपालकों की आजीविका को भी संबल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 1,100 वेटरनरी डॉक्टर्स को एक साथ नियुक्ति पत्र दिया जाना रोजगार सृजन और पशुपालक कल्याण, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर प्रदेश के योग्य युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों को बेहतर एवं सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था और मजबूत होगी।
इन नियुक्तियों से प्रदेश के पशु चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूती मिलेगी और गांव-ढाणी के स्तर तक बेहतर, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही, वेटरनरी डॉक्टर्स की नियुक्ति से पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण, संक्रामक एवं मौसमी पशु रोगों की रोकथाम, टीकाकरण तथा पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के विभागीय प्रयासों को भी गति मिलेगी।
