राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय गांधीजी के जीवन और आदर्शों का सम्मान करता है और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में उनके शांति एवं अहिंसा के संदेश की प्रासंगिकता और बढ़ गई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज विश्व के अनेक हिस्सों में अशांति और युद्ध का वातावरण है, जिसका प्रभाव सभी देशों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के विचार मानवता के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विकास की इस यात्रा में संवेदनशीलता और समावेश के मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी देशवासी विकास के लाभ से वंचित न रहे।
राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी विकास की यह भावना महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ के आदर्श के अनुरूप है, जिसमें सभी के कल्याण और उत्थान की भावना निहित है।
उन्होंने देशवासियों से गांधी जयंती के अवसर पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि अपने नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में पूरी निष्ठा से योगदान देंगे।
