जयपुर, 5 सितंबर। राजस्थान में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और स्वाइन फ्लू सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी और सघन सर्वे के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड रिस्पांस टीमों की कार्रवाई के साथ एंटी-लार्वा गतिविधियां, सोर्स रिडक्शन और मच्छररोधी अभियान नियमित रूप से चलाने के निर्देश दिए।
🏥 अस्पतालों में डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आवश्यकता अनुसार अलग आइसोलेशन वार्ड आरक्षित रखने, पर्याप्त दवाएं, जांच किट और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। पॉजिटिव मरीजों की 14 दिनों तक नियमित निगरानी कर पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
⚠️ कच्ची बस्तियों और कोचिंग हब वाले जिलों के हॉस्टलों पर विशेष फोकस रहेगा। इन क्षेत्रों में स्वच्छता, सघन सर्वे और मच्छररोधी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
👩⚕️ मातृ स्वास्थ्य पर भी सख्ती:
चूरू जिले में हुई एक मातृ मृत्यु के मामले में संबंधित GNM के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं, बच्चों के मीजल्स-रूबेला की दोनों डोज और HPV वैक्सीनेशन का कवरेज बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
📍 राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है
