जल संरक्षण अभियान की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

👁 0 Views

सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिला कलक्टरों के साथ ‘जल संचय जन भागीदारी : कैच द रेन-2026’ अभियान की समीक्षा की। उन्होंने जिलों एवं नगरीय निकायों में निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध हुई प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरक्षण कार्य करवाए जाएं। लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जिला कलक्टरों को स्वयं कार्यस्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में वर्षाजल की हर बूंद को सहेजने तथा जल संरक्षण के प्रयासों की गति बनाए रखने का आह्वान किया है। इसी भावना के अनुरूप ‘जल संचय जन भागीदारी : कैच द रेन-2026’ अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने गांव, खंड एवं तहसील स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने तथा जल उपयोगकर्ता संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

श्री श्रीनिवास ने कहा कि कम लागत वाली प्रभावी जल संरक्षण संरचनाओं को प्राथमिकता दी जाए। योजना निर्माण से लेकर कार्यों के क्रियान्वयन तक अभियंताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वर्षाजल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण के प्रभावी कार्य किए जा सकें।

उन्होंने निर्देश दिए कि जल संरक्षण कार्यों का आकलन केवल उनकी संख्या के आधार पर न किया जाए, बल्कि इनसे आमजन को हुए लाभ को भी प्रमुखता से देखा जाए। उन्होंने भूजल स्तर में सुधार, चारागाहों में पानी की उपलब्धता बढ़ने तथा पलायन में कमी जैसे परिणामों का अध्ययन कर रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जिलों में जल संरक्षण की अधिक संभावनाएं हैं, वहां कार्यों की प्रगति को और गति दी जाए। जिला कलक्टर अभियान की जिम्मेदारी स्वयं लेते हुए नियमित समीक्षा करें तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें।

राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर

अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जल शक्ति अभियान के राज्य नोडल अधिकारी श्री अभय कुमार ने बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी : कैच द रेन-2026’ अभियान के तहत 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण किए गए जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण कार्यों के आधार पर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर चूरू जिला दूसरे, राजसमंद चौथे तथा बालोतरा पांचवें स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में दर्ज कुल 1,33,605 जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण कार्यों में से 1,14,443 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 19,162 कार्य प्रगतिरत हैं।

श्री अभय कुमार ने बताया कि इन कार्यों में छतों से वर्षाजल संग्रहण, रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से भूजल पुनर्भरण, तालाबों तथा अन्य उपयुक्त जल संरचनाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की प्रगति प्रत्येक माह की पांच तारीख तक अभियान के पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

👁 0 people read this article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *