नशा मुक्ति के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार

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प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं सेवन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर कार्ययोजना तैयार कर धरातल पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में 12वीं राज्य स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट एवं एक्शन प्लान शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के इस व्यापक अभियान को चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों—प्रवर्तन (आसूचना एवं संचालन), पूर्ववर्ती एवं सिंथेटिक ड्रग नियंत्रण, मांग एवं हानि न्यूनीकरण तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय—के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

ड्रग फ्री शिक्षण संस्थान बनाने पर जोर

श्री श्रीनिवास ने कहा कि युवा प्रदेश का भविष्य हैं और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं व्यसनमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को ‘ड्रग फ्री कैंपस’ के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों को इस अभियान को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षण संस्थानों में युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण मिल सके।

ड्रग ट्रैफिकिंग पर कड़ी निगरानी

मुख्य सचिव ने नारकोटिक्स विभाग को रसायनों की सूची (लिस्ट ऑफ केमिकल्स) जीएसटी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य आबकारी विभाग के ट्रांजेक्शन डेटा का सीबीएन पोर्टल तथा कस्टम्स के आईसीईगेट के साथ एकीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि ड्रग ट्रैफिकिंग पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

अभियान को जन आंदोलन बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं निर्धारित लक्ष्यों के साथ कार्य करते हुए राजस्थान को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

तस्करों पर सख्त कार्रवाई, संपत्ति जब्ती में तेजी

बैठक में बताया गया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक 73 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। मुख्य सचिव ने वित्तीय अनुसंधान एवं संपत्ति जब्ती की कार्रवाई को और गति देने के निर्देश दिए।

अवैध मादक पदार्थों की खेती की रोकथाम

पुलिस महानिदेशक श्री राजीव शर्मा ने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती को समाप्त करने के लिए राजस्व, वन एवं कृषि विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने व्यापक सर्वे के साथ सैटेलाइट एवं ड्रोन मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया।

अब होगी नियमित मासिक समीक्षा

बैठक में बताया गया कि नशा मुक्ति अभियानों की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग के लिए अब प्रत्येक माह नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठकों में पिछली अनुपालना रिपोर्ट (एटीआर) को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता एवं गति सुनिश्चित हो सके।

प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत करने के लिए सभी संबंधित विभागों को उप सचिव या उससे ऊपर के स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना गृह विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद कुमार, युवा एवं खेल मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर ए. सावंत तथा एएनटीएफ के महानिरीक्षक श्री विकास कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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