मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि अगस्त 2026 में राजनिवेश पोर्टल पर 48,453.05 करोड़ रुपये के निवेश आशय दर्ज हुए हैं। अप्रैल से अगस्त के बीच 25,745 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने डिरेगुलेशन एवं कम्प्लायंस रिडक्शन के प्रथम चरण की मासिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने बताया कि नवीकरणीय एवं गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा पार्क, औद्योगिक पार्क, सीमेंट, पर्यटन, आतिथ्य सेवाएं और रियल एस्टेट निवेश आशय के प्रमुख क्षेत्र रहे हैं। भूमि, श्रम, उपयोगिताओं, नियामकीय स्वीकृतियों और निरीक्षणों सहित सभी 23 प्राथमिकता क्षेत्रों में प्रथम चरण के सुधार लागू किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सेवाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।
राजनिवेश पोर्टल पर सेवाओं का विस्तार
राजनिवेश की एकल खिड़की प्रणाली पर 190 सेवाएं उपलब्ध हैं। सेवाओं के एकीकरण और विभागीय प्रक्रियाओं के स्वचालन के बाद पोर्टल पर आवेदनों की संख्या में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली 10 सेवाओं में कुल आवेदनों के लगभग 85 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जिला स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन
जिला स्तर की प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री श्रीनिवास ने बताया कि जयपुर 4,788 अनुमोदनों के साथ अग्रणी रहा। जोधपुर में 1,897 और अजमेर में 1,270 अनुमोदन दर्ज किए गए। पांच अग्रणी जिलों का कुल अनुमोदनों में लगभग 39 प्रतिशत योगदान रहा।
डीडवाना-कुचामन, कोटा और सिरोही में अनुमोदन दर लगभग 70 प्रतिशत रही, जबकि डूंगरपुर और करौली में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। कोटा, जालोर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर और प्रतापगढ़ ने अप्रैल से अगस्त तक प्रत्येक माह 50 प्रतिशत से अधिक अनुमोदन दर बनाए रखी।
सेवाओं के निस्तारण समय में कमी
मुख्य सचिव ने बताया कि पांच प्रमुख सेवाओं के निस्तारण समय में कमी दर्ज की गई है। उपभोक्ता मामले विभाग की एक सेवा में निस्तारण समय 14 दिन से घटकर 7 दिन, ऊर्जा विभाग की सेवा में 20 दिन से घटकर 5 दिन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सेवा में 7 दिन से घटकर 4 दिन रह गया है।
रक्षा एवं गोला-बारूद विनिर्माण परियोजना के लिए भूमि आवंटित
मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम की भूमि आवंटन नीति के तहत किशनगढ़ के उदयपुर खुर्द औद्योगिक क्षेत्र में इम्पीरियल आर्मरी प्राइवेट लिमिटेड को रक्षा एवं गोला-बारूद विनिर्माण परियोजना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। परियोजना में लगभग 162 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे करीब 200 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
निगम ने बहुमंजिला कारखाना परिसरों और उपयोग के लिए तैयार औद्योगिक सुविधाओं के लिए लचीले भूमि उपयोग प्रावधान भी लागू किए हैं। प्रमुख औद्योगिक स्थानों पर 15 वर्ष की पट्टा अवधि को अतिरिक्त 10 वर्ष तक बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अपनी इकाइयां स्थापित करने में सुविधा मिलेगी।
निवेश के लिए सुगम वातावरण तैयार करने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि औद्योगिक इकाइयां स्वच्छ उत्पादन प्रणालियों, उन्नत स्वचालन, नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों और कार्यबल के अनुकूल प्रक्रियाओं को अपना रही हैं। राज्य सरकार सुधारों, डिजिटल सेवाओं और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय के माध्यम से निवेश के लिए सुगम एवं अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
