10 सितंबर
मतदान के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (EPIC) प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो वह अपनी पहचान के लिए चुनाव की घोषणा से पहले जारी किए गए 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी एक का मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है।
ये 11 वैकल्पिक दस्तावेज होंगे मान्य
- आधार कार्ड।
- विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) मनरेगा कार्ड।
- बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक।
- श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड।
- ड्राइविंग लाइसेंस।
- पैन कार्ड।
- भारतीय पासपोर्ट।
- फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज।
- केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र।
- सांसदों एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र।
- यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार।
लोक सूचना जारी होने से पहले का दस्तावेज ही मान्य
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि उपर्युक्त 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे, जो संबंधित पंचायतों के निर्वाचन की लोक सूचना जारी होने की तिथि से पहले जारी किए गए हों।
उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के समय उपर्युक्त दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज अपने साथ अवश्य लाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।
