मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजातीय कला एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान और बड़ी ताकत हैं। राज्य सरकार इस जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राजससंघ और कॉनफैड के माध्यम से जनजातीय भाई-बहनों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य, बेहतर बाजार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री शनिवार को प्रतापगढ़ में उदयपुर संभाग के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बम्बोरी में आयोजित ग्राम विकास चौपाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों की आवश्यकताओं के संबंध में ग्रामीणों से संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा के साथ रोजगार एवं आजीविका के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
जनजाति क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये से अधिक के 423 विकास कार्य लोकार्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने जनजाति क्षेत्र में जनसुविधाओं से जुड़े 256 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 423 कार्य जनता को समर्पित किए हैं। इनमें बिजली आपूर्ति के लिए 87 करोड़ रुपये के 14 कार्य, पेयजल एवं सिंचाई से जुड़े 75 करोड़ रुपये से अधिक के 15 कार्य, सड़कों से संबंधित 22 करोड़ रुपये के 7 कार्य तथा स्कूलों के लिए 9 करोड़ रुपये से अधिक के 19 कार्य शामिल हैं।
इसके साथ ही स्वास्थ्य, कौशल विकास, प्राकृतिक चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, छात्रावास, जनजातीय विकास एवं विद्यालय निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार 668 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 1,029 कार्यों का शिलान्यास किया गया है। इनमें सुगम सड़क व्यवस्था के लिए 429 करोड़ रुपये के 299 कार्य, ग्रामीण विकास के 73 करोड़ रुपये के 562 कार्य तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 71 करोड़ रुपये के 6 महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
जनजातीय कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में आदिवासी कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से 60 हजार से अधिक आदिवासी गांवों में पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य एवं सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। वहीं, देशभर में आदिवासी बच्चों के लिए सैकड़ों एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल तथा निःशुल्क हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य में भी जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। मां-बाड़ी केंद्रों में कार्यरत शिक्षाकर्मी, महिला सहयोगिनी तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। 8 जिलों में 530 वनधन विकास केंद्रों का गठन तथा उदयपुर में अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का निर्माण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मैस भत्ते को बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। 250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं तथा आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 5,947 केंद्रों का उद्घाटन किया गया है।
जनजातीय किसानों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कृषकों को 2 लाख 36 हजार मिनीकिट वितरित किए गए हैं। वहीं, डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 925 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ‘सौंध माटी आदि धरोहर प्रलेखन योजना’ की शुरुआत की गई है। साथ ही, ‘आदि गौरव सम्मान’ के लिए पहला समारोह मानगढ़ धाम में आयोजित किया गया। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर बांसवाड़ा में ‘नव-आदि युगधारा प्रणेता समागम’ का आयोजन भी किया गया।
रोजगार और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वहीं, वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर युवाओं को अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राज्यों के साथ रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल तथा नर्मदा एवं किशाऊ परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। साथ ही, वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दी विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में उदयपुर संभाग के 7 जिलों में 924 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1,452 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 668 करोड़ रुपये के 1,029 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 256 करोड़ रुपये के 423 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
इनमें उदयपुर जिले में 166.80 करोड़ रुपये के 526 कार्य, डूंगरपुर में 189.85 करोड़ रुपये के 105 कार्य, चित्तौड़गढ़ में 164.57 करोड़ रुपये के 88 कार्य, बांसवाड़ा में 89.68 करोड़ रुपये के 77 कार्य, प्रतापगढ़ में 109.77 करोड़ रुपये के 436 कार्य, राजसमंद में 108.50 करोड़ रुपये के 130 कार्य तथा सलूंबर में 95.05 करोड़ रुपये के 90 कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री की पहल पर वन उत्पादों के विपणन को मिला प्रोत्साहन
समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ लिमिटेड (राजससंघ) द्वारा जनजातीय क्षेत्र की लघु वन उपज के संग्रहण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए ‘वनगिरि’ ब्रांड का प्रथम शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ (वाइल्ड फॉरेस्ट हनी) लॉन्च किया।
साथ ही, प्रदेश के वनधन विकास केंद्रों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजससंघ एवं कॉनफैड के बीच एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में यह पहल की गई है।
राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रतापगढ़ को पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और विद्युत क्षेत्र में अनेक सौगातें दी हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर पंचामृत से अभिषेक किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। प्रतापगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक गैर नृत्य के साथ स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन जीनगर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
