स्कॉच फाउंडेशन द्वारा राजस्थान सरकार के स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग को विभाग द्वारा विकसित ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम (AMS) एवं इसके सफल क्रियान्वयन के लिए गोल्ड स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
इंडिया हैबिटेट सेंटर के सिल्वर ओक हॉल में आयोजित स्कॉच फाउंडेशन के 109वें समिट में फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री समीर कोचर ने यह पुरस्कार स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग के निदेशक श्री अपूर्व जोशी तथा विभाग के प्रतिनिधियों श्री ओम प्रकाश शर्मा, श्री गौरव गुप्ता एवं सुश्री सुनीता बराड़ को प्रदान किया।
स्कॉच फाउंडेशन द्वारा गवर्नेंस एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों एवं विभिन्न संस्थाओं को अलग-अलग श्रेणियों में स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग द्वारा भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन तथा हितग्राहियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इसका विगत वर्षों में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, विश्वविद्यालयों, देवस्थान विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के पारदर्शी अंकेक्षण की व्यवस्था विकसित की गई है। अंकेक्षण दलों का गठन, अंकेक्षण प्लानिंग, एक्जीक्यूशन तथा अनुपालना संबंधी कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इससे अंकेक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा सरकारी तंत्र को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप सुदृढ़ करने में मदद मिल रही है।
स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित योजनाओं में उजागर अनियमितताओं एवं त्रुटियों के निराकरण की दिशा में वित्त विभाग के मार्गदर्शन में किए गए इस नवाचार को गोल्ड स्कॉच अवार्ड मिलने पर वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे राजस्थान सरकार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए जनहित में किए गए इस प्रयास के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को बधाई दी।
कार्यक्रम में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अध्यक्ष एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् श्रीमती सुनीता नारायण को पर्यावरण एवं सतत विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया।
समारोह में विभिन्न राज्यों के विभागों एवं अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित ओडिशा के शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव तथा छत्तीसगढ़ के जनजातीय विभाग के प्रमुख शासन सचिव को भी उनके विशिष्ट कार्यों के लिए विभिन्न श्रेणियों में स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया।
