मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रदेश में पेयजल आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में वर्षा की स्थिति, बांधों में उपलब्ध जल, भूजल स्तर तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आगामी दिनों के लिए आवश्यक तैयारियों एवं कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों में जल वितरण के लिए स्टेट एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े जिलों में उपलब्ध जल के समुचित वितरण के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने तथा जल स्रोतों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित जिलों में जल वितरण की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया।
श्री श्रीनिवास ने कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों एवं पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार किया जाए और उसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को जल स्रोतों में उपलब्ध पानी की स्थिति की नियमित समीक्षा करने, साप्ताहिक समन्वय बैठकें आयोजित करने तथा आगामी मानसून तक की जलापूर्ति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गोपालन एवं पशुपालन विभाग को गौशालाओं में गोवंश सहित सभी पशुधन के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन के लिए पानी की आवश्यकता को जिला स्तरीय कार्ययोजना में शामिल किया जाए तथा आवश्यकता वाले क्षेत्रों में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कृषि एवं पेयजल आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध जल के उचित एवं संतुलित वितरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जल जीवन मिशन (जेजेएम), अमृत 2.0, ट्यूबवेल एवं हैंडपंप से संबंधित चल रहे कार्यों में तेजी लाई जा रही है। पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 650 वाहन एवं 3,200 श्रमिकों की सेवाएं लेने की स्वीकृति दी गई है। जलापूर्ति संसाधनों के रख-रखाव एवं हैंडपंप मरम्मत के लिए 150 वाहनों की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि में पेयजल कार्यों के लिए आपात मद में जिला कलेक्टरों को 75 लाख रुपये तक व्यय करने के लिए अधिकृत किया गया है। वहीं, जनता जल योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 25 लाख रुपये तक के कार्य जिला कलेक्टर अपने स्तर पर स्वीकृत कर सकेंगे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी एवं भू-जल विभाग श्री हेमंत कुमार गेरा सहित संबंधित विभागों के शासन सचिव, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला कलेक्टर उपस्थित रहे।
यदि इसे अखबार की 300–400 शब्दों की खबर, छोटे शीर्षक-स्लग-हैशटैग, या वेब पोर्टल की न्यूज़ स्टाइल में चाहिए, तो उसी फॉर्मेट में भी तैयार किया जा सकता है।
