पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
बैठक में प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लिए बर्तन बैंक तथा विधायक कोष के निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने अन्नपूर्णा रसोई का प्रतिमाह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा। उन्होंने पंचायती राज विभाग के भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तारहित निर्माण पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर, अधिकारी और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने ग्राम सभाओं को प्रभावी बनाने तथा नए ग्राम सभा रजिस्टर का नमूना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने को भी कहा।
उन्होंने गांवों में निर्मित शौचालयों की कार्यशीलता, सामुदायिक शौचालयों की प्रगति तथा स्वच्छता एवं तालाबों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। साथ ही, गांवों में खुले बोरवेल को ढकने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में गांवों में श्मशान स्थलों एवं खेल मैदानों के निर्माण तथा मृत पशुओं के निस्तारण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, आबादी एवं चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने जनसुनवाई एवं ई-पंचायत पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नए पंचायती राज की परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए पंचायतों को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाया जाए।
बैठक में डॉ. जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज, सुश्री सलोनी खेमका, निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
