उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को शासन सचिवालय में बैठक कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री ने ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की व्यापक सफलता की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार आईसीडीएस निदेशालय द्वारा किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम सफल रहा।
उल्लेखनीय है कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘विकसित भारत जन सेवा अभियान’ के तहत आईसीडीएस निदेशालय की ओर से 25 से 27 सितम्बर तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रदेश के लगभग 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अनुमानित रूप से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान किया गया। उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भेजा गया पत्र प्रदान करने के साथ माला पहनाकर एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय शहरी एवं ग्रामीण आमजन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा धात्री माताओं के बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया।
दिया कुमारी ने पिछले तीन बजटों की घोषणाओं से संबंधित लंबित बिंदुओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर उपयोगिता एवं कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र निदेशालय को भेजने, पूरक पोषाहार के मेन्यू में सुधार करने, वैकल्पिक रेसिपी के प्रस्तावों का परीक्षण करने तथा एफआरएस के माध्यम से वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थिति बढ़ाने, नियमित रूप से वजन एवं वृद्धि का मापन करने तथा APAAR ID बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में क्रियाशील शौचालय, सुरक्षित पेयजल एवं विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को लाडो प्रोत्साहन योजना की तीसरी किश्त के वितरण में तकनीकी समस्याओं को दूर रखते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उड़ान योजना की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की आगामी किश्त के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास शासन सचिव पूनम, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं वासुदेव मालावत, महिला अधिकारिता आयुक्त राकेश राजोरिया सहित समस्त प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
