10 सितंबर
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पूरी तरह सजग और सतर्क है। सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से की गई तैयारियों के चलते प्रदेश में रोग की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही पशुओं में लम्पी रोग से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के उपायों की जानकारी देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि पशुपालक घबराएं नहीं और समय रहते आवश्यक सावधानियां बरत सकें।
मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति और इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रभावित क्षेत्रों में टीकाकरण और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी एवं समन्वित प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लम्पी रोग के मामले प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में ही सामने आए हैं, पूरे प्रदेश में नहीं।
उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में टीकाकरण अभियान को और तेज करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में रोग प्रतिरोधक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गौशालाओं और अन्य स्थानों पर संक्रमित पशुओं को आइसोलेट करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश देते हुए पशुपालकों को आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा।
उन्होंने रोग की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
10,403 पशु संक्रमित, 6,905 की रिकवरी
बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10,403 पशु लम्पी रोग से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 6,905 पशु स्वस्थ हो चुके हैं और रिकवरी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में 87 प्रतिशत से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग द्वारा कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें टीकाकरण अभियान, राज्य एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन तथा पशुपालकों को साइपरमेथ्रिन और सोडियम हाइपोक्लोराइट का वितरण शामिल है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया बैठक में भाग
पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव पशुपालन एवं गोपालन विकास श्री सीताराम जी भाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
