Headlines

पीएम सूर्यघर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वेंडर्स की कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष जोर: मुख्य सचिव

👁 2 Views

7 सितंबर 2026

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में ऊर्जा विभाग की कार्यप्रगति की समीक्षा की। बैठक में पीएम-कुसुम, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति, केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित प्रकरण, राइट ऑफ वे (RoW) संबंधी मामले तथा राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त विद्युत संबंधी शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वेंडर्स की क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिक से अधिक वेंडर्स को प्रशिक्षित करने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।

उन्होंने वर्तमान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने तथा वेंडर्स को आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं कौशल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बिजली संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर विद्युत क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम में शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागीय पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं और शिकायतों की प्रगति की वास्तविक स्थिति उपलब्ध रहे और प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।

विद्युत तंत्र के आधुनिकीकरण पर जोर

मुख्य सचिव ने विद्युत तंत्र को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बेहतर मॉनिटरिंग से ट्रांसफार्मर, फीडर और सबस्टेशन की निगरानी मजबूत होगी तथा विद्युत फॉल्ट की पहचान और पूर्वानुमान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान देश में प्रथम

बैठक में ऊर्जा विभाग की शासन सचिव सुश्री आरती डोगरा ने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत क्षमता की दृष्टि से राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि राज्य में पीएम-कुसुम के कंपोनेंट ए और सी के तहत लगभग 5.20 गीगावॉट क्षमता स्थापित हो चुकी है। जुलाई 2026 में राजस्थान ने 5 गीगावॉट क्षमता का आंकड़ा पार किया, जो राज्य की सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति को दर्शाता है।

👁 2 people read this article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *