17 सितंबर
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा कार्यक्रमों की श्रृंखला में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में आयोजित 203 रक्तदान शिविरों में 5,850 से अधिक रक्तदाताओं ने भाग लिया और कुल 5,921 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन शिविरों में आमजन, युवाओं, स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वैच्छिक रक्तदान किया।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि रक्तदान महादान है और जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में रक्तदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जन सेवा अभियान के माध्यम से प्रदेश में जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रक्तदान जरूरी है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता, थैलेसीमिया तथा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
जयपुर और अलवर कलेक्टर ने किया रक्तदान
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि जयपुर जिला कलेक्टर श्री संदेश नायक और अलवर जिला कलेक्टर श्रीमती अर्तिका शुक्ला ने स्वयं रक्तदान कर आमजन को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया। दोनों अधिकारियों ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्रीमती राठौड़ ने रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सा संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से इस प्रकार के अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
17 अक्टूबर तक आयोजित होंगे शिविर
विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत 17 अक्टूबर तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-जिला अस्पतालों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ब्लड सेंटरों और अन्य ब्लड सेंटरों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों को रक्त समूह जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदाता के रूप में पंजीकरण कराने और नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करें और इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभाएं।
