अब 8 कमरों तक मिलेगा होमस्टे रजिस्ट्रेशन, सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
राजस्थान में पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब राज्य में होमस्टे शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत आवेदनकर्ता SSO पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार अब एक होमस्टे में अधिकतम 8 कमरों और 24 बेड तक पंजीकरण कराया जा सकेगा। इससे पहले कमरों की संख्या सीमित थी। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से अधिक लोगों को होमस्टे व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना है। होमस्टे के माध्यम से पर्यटक राजस्थान की संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय जीवनशैली का करीब से अनुभव कर सकेंगे, वहीं स्थानीय परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी।
नई व्यवस्था में सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। इससे पर्यटकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ठहरने की सुविधा मिल सकेगी।
सरकार का मानना है कि आसान पंजीकरण प्रक्रिया से राज्य में होमस्टे की संख्या बढ़ेगी, पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और हजारों लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था से छोटे उद्यमियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले समय में यह पहल राजस्थान को होमस्टे पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
