शौर्य चक्र विजेता अमर शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा के परिवार को अब तक नहीं मिला योजनाओं का लाभ, राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजा गया ज्ञापन
उदयपुर। देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा के परिवार को राज्य सरकार द्वारा घोषित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब तक नहीं मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों से शहीद के परिजन विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक घोषणाओं का पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो सका है।
मेजर मुस्तफा बोहरा 21 अक्टूबर 2022 को एक सैन्य अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया।
5 जुलाई 2024 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने मेजर मुस्तफा बोहरा के परिजनों को शौर्य चक्र प्रदान किया। इस अवसर पर देश ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके साहस को सम्मानित किया।
शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के बाद राजस्थान सरकार की सैनिक कल्याण नीति के तहत शहीद के परिवार के लिए कारगिल पैकेज योजना तथा शौर्य चक्र विजेता योजना सहित कई सुविधाओं और सहायता संबंधी घोषणाएं की गई थीं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहीद परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक संबल प्रदान करना था।
परिजनों का कहना है कि घोषणाएं होने के बावजूद संबंधित विभागों में लगातार फाइलें लंबित हैं। आरोप है कि अलग-अलग कार्यालयों में बार-बार नए दस्तावेज मांगे जा रहे हैं और लालफीताशाही के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी उदयपुर देहात के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने शहीद परिवार की समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे शहीद के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा राजस्थान के मुख्य सचिव पी. श्रीनिवास को विस्तृत ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा के परिवार से जुड़े सभी मामलों के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित हो सके और लंबित योजनाओं का शीघ्र निस्तारण किया जा सके।
साथ ही ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि शहीद परिवार के लिए घोषित सभी योजनाओं और सुविधाओं को आगामी 15 दिनों के भीतर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर उनका अधिकार मिल सके।
