मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायतीराज, ऊर्जा तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों के उन परिवादियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद किया, जो पूर्व में किए गए समाधान से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने भरतपुर के बलवीर, डीग के नसीब भाई, जालौर के मगाराम, फलौदी के राम प्रकाश, अजमेर के देवालाल एवं विश्राम, भीलवाड़ा के कृष्ण गोपाल, जैसलमेर के रविन्द्र तथा चूरू के रामलाल सहित विभिन्न जिलों के परिवादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की स्थिति जानी। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉल के दौरान ही संबंधित अधिकारियों से बातचीत की तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
हेल्पलाइन केंद्र के निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने पंचायतीराज विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ शिकायतों की स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की। उन्होंने विभागवार प्राप्त शिकायतों, निस्तारण, औसत निस्तारण समय एवं संतुष्टि स्तर की जानकारी ली तथा लंबित एवं असंतुष्ट परिवादों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीधे आमजन से जुड़ा विभाग है। लोगों की पेयजल संबंधी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खराब हैंडपंप, नाकारा ट्यूबवेल तथा पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी समस्याओं को लंबित नहीं रखा जाए।
उन्होंने ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए जिलेवार विशेष अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में प्राप्त 8,58,234 शिकायतों में से 8,42,904 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
पट्टों से संबंधित शिकायतों के लिए शिविर लगाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने पंचायतीराज विभाग की शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को स्वामित्व का अधिकार देने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पट्टों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए शिविर लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अब तक पंचायतीराज विभाग से संबंधित कुल 4,44,386 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4,34,033 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
ऊर्जा विभाग की शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा
मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने बिजली आपूर्ति एवं ट्रांसफार्मर संबंधी शिकायतों के समाधान की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया।
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 10 दिन तथा संतुष्टि स्तर 78 प्रतिशत से अधिक है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 8 दिन तथा संतुष्टि स्तर 82.41 प्रतिशत है। इसी प्रकार जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 12 दिन तथा संतुष्टि स्तर 77 प्रतिशत से अधिक है।
निस्तारण के साथ संतुष्टि स्तर भी बढ़े
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 14 हजार शिकायतें प्राप्त होती हैं और लगभग इतनी ही शिकायतों का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण का प्रतिशत अच्छा है, लेकिन विभागों का लक्ष्य परिवादियों के संतुष्टि स्तर को लगातार बेहतर करना होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवादों का समाधान हो चुका है, उनकी गुणवत्ता एवं परिवादी की संतुष्टि की भी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि असंतुष्ट परिवादियों की शिकायतों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनका पुनः परीक्षण कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
