11 सितंबर
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री रोहित कंसल की संयुक्त अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजीविका, विकसित भारत-जी राम जी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वित्तीय स्थिति तथा केंद्र स्तर पर लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई।
राजीविका के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री रोहित कंसल ने प्रदेश में राजीविका के बेहतर प्रदर्शन के लिए क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने प्रदेश में ई-सरस मेले आयोजित करने का सुझाव देते हुए कहा कि इनमें राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश की महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों को बड़े बाजार से जुड़ने के अवसर मिल सकें।
श्री कंसल ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में शी मार्ट स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को हस्तशिल्प के क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके कार्य को सामाजिक स्तर पर प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने राजीविका में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करने तथा आवश्यकता के अनुसार नए पदों का सृजन कर संस्थागत व्यवस्था को और मजबूत करने का भी सुझाव दिया।
पीएमएवाई-जी में नए लक्ष्यों एवं आवास निर्माण की समीक्षा
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश को 2.89 लाख नए आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया है तथा स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बैठक में योजना की वित्तीय प्रगति, आवास निर्माण, मूलभूत सुविधाओं के साथ कन्वर्जेन्स तथा आवास सहायकों की तैनाती की भी समीक्षा की गई।
बैठक में योजना के तहत विभिन्न विभागों के साथ कन्वर्जेन्स के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें अमृत पोषण वाटिका, अमृत ग्रामीण हाट बाजार, ग्रामीण पुस्तकालय/अटल ज्ञान केंद्र, अमृत संजीवनी पार्क, पशु आश्रय स्थल और ब्लॉक स्तरीय नर्सरी सहित जल जीवन मिशन, अतिरिक्त विद्यालय कक्ष, सामुदायिक शौचालय, पशु चिकित्सा केंद्र एवं वाटरशेड विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें बाजार से जोड़ने, कौशल विकास एवं ऋण सुविधा के साथ समन्वित प्रयास करने तथा डिजिटल माध्यमों से उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग एवं प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजीविका के सफल महिला स्वयं सहायता समूहों एवं लखपति दीदियों के कार्यों को चिन्हित कर उन्हें व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता, ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल, पंचायतीराज के शासन सचिव डॉ. जोगा राम, ईजीएस आयुक्त श्रीमती पुष्पा सत्यानी, भू संरक्षण विभाग की निदेशक एवं पदेन विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती कल्पना अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
