राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 रविवार को प्रदेश के निर्धारित 666 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ प्रत्येक अभ्यर्थी के परिश्रम एवं उसके भविष्य के सपनों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस ने परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) वीके सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान राजस्थान पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रदेश के 11 जिलों में निर्धारित 666 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश एवं निकास, यातायात प्रबंधन तथा परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन के स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
पेपर की गोपनीयता और परीक्षा की शुचिता पर विशेष जोर
पुनः आयोजित की जा रही इस परीक्षा में पेपर की गोपनीयता बनाए रखने, अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने तथा परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस ने पूरी सजगता के साथ कार्य किया। परीक्षा केंद्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
राजस्थान पुलिस का स्पष्ट संदेश रहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी के वर्षों के परिश्रम, उसकी उम्मीदों और भविष्य के सपनों का सम्मान करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी कर्तव्यनिष्ठा से जुटी रही।
डीजीपी का संदेश—वर्दी केवल गौरव नहीं, जिम्मेदारी भी
महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि पुलिस की वर्दी केवल गौरव का प्रतीक नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, ईमानदारी, जिम्मेदारी और आमजन की सुरक्षा के संकल्प की पहचान है।
उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल एक पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसा पुलिस कार्मिक बनना होना चाहिए, जिस पर आमजन संकट की घड़ी में भरोसा कर सके।
राजस्थान पुलिस प्रत्येक अभ्यर्थी के परिश्रम और सपने का सम्मान करते हुए एसआई पुनः परीक्षा-2021 में निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित एवं व्यवस्थित परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी कर्तव्यनिष्ठा से प्रतिबद्ध रही।
एसओजी की पुख्ता निगरानी से संदिग्धों पर शिकंजा, तीन गिरफ्तार
एसओजी की ओर से भी एसआई पुनः परीक्षा-2021 की शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता एवं पुख्ता व्यवस्थाएं की गईं।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि संदिग्ध फोटो, समान नाम अथवा डबल फॉर्म जैसी विसंगतियों वाले 50 अभ्यर्थियों को चिन्हित कर उनका सत्यापन कराया जा रहा है। परीक्षा के दौरान एसओजी के वांछित अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखी गई। परीक्षा देने पहुंचे तीन वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, पेपर लीक की किसी भी संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से एसओजी द्वारा करीब 1,200 संदिग्ध व्यक्तियों एवं आरपीएससी से डिबार अभ्यर्थियों को संबंधित थानों पर बुलाकर पूछताछ की गई।
प्रथम पारी में 69.58 प्रतिशत उपस्थिति
आरपीएससी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रथम पारी में प्रदेश के 11 जिलों में कुल 2,18,114 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1,51,774 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि 66,340 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पारी में कुल 69.58 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
प्रथम पारी में टोंक में सर्वाधिक 77.73 प्रतिशत उपस्थिति रही। हनुमानगढ़ में 74.35, श्रीगंगानगर में 73.42, भरतपुर में 73.39, अलवर में 72.31, जोधपुर में 71.85, कोटा में 71.44, बीकानेर में 69.69, अजमेर में 67.43, जयपुर में 66.90 तथा उदयपुर में 66.46 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
द्वितीय पारी में 69.03 प्रतिशत उपस्थिति
द्वितीय पारी में भी प्रदेश के 11 जिलों में कुल 2,18,114 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1,50,559 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि 67,555 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पारी में कुल 69.03 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
द्वितीय पारी में टोंक में सर्वाधिक 76.96 प्रतिशत उपस्थिति रही। हनुमानगढ़ में 73.83, श्रीगंगानगर में 73.06, भरतपुर में 72.83, जोधपुर में 71.29, कोटा में 70.90, अलवर में 71.61, बीकानेर में 69.12, अजमेर में 66.96, जयपुर में 66.29 तथा उदयपुर में 66.06 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित द्वितीय पारी में टोंक में सर्वाधिक 76.96 प्रतिशत उपस्थिति रही। हनुमानगढ़ में 73.83, श्रीगंगानगर में 73.06, भरतपुर में 72.83, जोधपुर में 71.29, कोटा में 70.90, अलवर में 71.61, बीकानेर में 69.12, अजमेर में 66.96, जयपुर में 66.29 तथा उदयपुर में 66.06 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
