15 सितंबर
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं। इन मतदान केंद्रों पर मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी पाए जाने के बाद आयोग ने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्टों का परीक्षण कर यह निर्णय लिया है।
आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 एवं 484, नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338, नगर निगम कोटा के वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448, वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 तथा नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर पुनर्मतदान कराया जाएगा।
आयोग को इन मतदान केंद्रों पर मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्टों के परीक्षण में पाया गया कि तकनीकी खराबी के कारण अप्रदर्शित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी के मतों के अंतर से अधिक है। इसे देखते हुए आयोग ने इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया है।
16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा पुनर्मतदान
आयोग के निर्देशानुसार संबंधित मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान कराया जाएगा। पुनर्मतदान के मतों की गणना 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से निर्धारित स्थान पर की जाएगी।
पुनर्मतदान की तारीख, समय एवं मतदान केंद्र की जानकारी संबंधित चुनाव लड़ रहे अभ्यर्थियों एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम मतदाताओं को पुनर्मतदान की सूचना दी जाएगी। संबंधित नगरपालिका, मतदान केंद्र एवं निर्वाचन क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी पुनर्मतदान संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाएगी।
केवल अधिकृत मतदाता ही कर सकेंगे मतदान
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मतदान में केवल अधिकृत मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। मूल मतदान के दौरान मतदाता की अंगुली पर लगाए गए अमिट स्याही के निशान को पुनर्मतदान के लिए आधार नहीं माना जाएगा।
पुनर्मतदान के दौरान मतदाता के बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाएगा। यह निशान नाखून के प्रारंभिक भाग से अंगुली के प्रथम भाग तक त्वचा पर लगाया जाएगा।
आवश्यकता होने पर ईवीएम में उपयोग के लिए मतपत्र एवं निविदत्त मतपत्र नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान के बाद मूल मतदान में प्रयुक्त ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए।
राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पुनर्मतदान से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
