राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे निरंतर संवाद बनाए रखें, प्रगति करें, राष्ट्रभाव को प्रथम रखें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक और आधुनिक संबंधों को मजबूत करने में संवाद महत्वपूर्ण आधार है।
देवनानी शुक्रवार को आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में विश्वम द्वारा आयोजित हाइफा हाउस समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र का भविष्य हैं। यह समिट कूटनीति, जन नेतृत्व और युवाओं की आवाज को एक मंच पर लाने का सार्थक प्रयास है। युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नवाचार, सामाजिक सरोकार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन युवाओं को नए विचारों और वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की अहम भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा के साथ युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक दायित्वों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का विकास भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए। राष्ट्र की गौरवशाली परंपराओं में संवाद, सह-अस्तित्व और सामाजिक सहभागिता का विशेष महत्व रहा है। आज के दौर में युवा पीढ़ी को इन मूल्यों को आधुनिक ज्ञान, तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
देवनानी ने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने और आगे बढ़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, विचारों के आदान-प्रदान और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र है।
समारोह में भारत में इजरायल के उप राजदूत फारेस साएब ने भारत और इजरायल के बीच लंबे ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। विश्वम के विक्रांत सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, राजनयिकों, शिक्षाविदों और युवा प्रतिभाओं ने भारत-इजरायल संबंधों तथा द्विपक्षीय सहभागिता को और मजबूत करने में युवा पीढ़ी की भूमिका पर चर्चा की।
विधानसभा अध्यक्ष से उप राजदूत की शिष्टाचार मुलाकात
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से भारत में इजरायल के उप राजदूत फारेस साएब ने विधानसभा भवन में शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और इजरायल के मैत्रीपूर्ण संबंधों, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने उप राजदूत फारेस साएब का दुपट्टा ओढ़ाकर और विधानसभा का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
उप राजदूत साएब ने राजस्थान विधानसभा भवन, सदन और डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। डिजिटल संग्रहालय में राजस्थान विधानसभा के गठन से लेकर अब तक की संसदीय यात्रा, महत्वपूर्ण घटनाओं और विधायी कार्यों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
उप राजदूत ने विधानसभा के डिजिटल संग्रहालय की सराहना करते हुए इसे अद्भुत और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं के इतिहास और कार्यप्रणाली को आमजन एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह प्रभावी प्रयास है।
