मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग की रोकथाम के लिए तैयार किए गए ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026-29’ को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में विजन के तहत निर्धारित लक्ष्यों, राज्य के रोडमैप और विभिन्न विभागों एवं केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्रीय विजन के अनुरूप प्रदेश में प्रशासनिक एवं विभागीय समन्वय के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने विजन के चार प्रमुख स्तंभों—प्रवर्तन (Enforcement), प्रीकर्सर रसायनों एवं सिंथेटिक ड्रग्स पर रोक, मांग एवं हानि न्यूनीकरण तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय—के तहत निर्धारित लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर जोर
मुख्य सचिव ने प्रवर्तन के क्षेत्र में आसूचना आधारित कार्रवाई को मजबूत करने, मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय मार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रीकर्सर रसायनों के कड़े नियमन के साथ सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने पर भी जोर दिया।
मांग एवं हानि न्यूनीकरण के तहत नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने, उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाओं का विस्तार करने तथा क्षमता निर्माण के तहत एनसीबी की जनशक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संवेदनशील जिलों पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने प्रदेश के संवेदनशील जिलों में नशा मुक्ति शिविरों के आयोजन की जानकारी ली और हॉटस्पॉट जिलों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीमावर्ती और अफीम की खेती वाले जिलों में मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ बहु-माध्यम जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
मुख्य सचिव ने राज्य रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने और निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों और प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के साथ युवाओं के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एजीटीएफ दिनेश एम.एन., गृह विभाग की संयुक्त सचिव अंजलि राजोरिया, उप सचिव सोविला माथुर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
