जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजीलाल मीणा ने शुक्रवार को राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित परिवादों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की और शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
बैठक में मीणा ने बताया कि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग से संबंधित कुल 605 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 553 का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने शेष परिवादों का भी प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण में लगने वाले समय को कम करने और परिवादों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
जनजातीय विकास से जुड़े परिवादों की जिलेवार समीक्षा
मीणा ने जनजातीय विकास से संबंधित विभिन्न शिकायतों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने परिवादों की प्रकृति, संबंधित विभागीय स्तर और निस्तारण की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परिवादियों से ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए संवाद
निरीक्षण के दौरान मीणा ने ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली।
अलवर जिले के परिवादी संतोष ने राजकीय बालिका छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति से संबंधित शिकायत बताई। झालावाड़ जिले की प्रीति ने आवेदन करने के बावजूद हॉस्टल नहीं मिलने की समस्या रखी। डूंगरपुर के परिवादी नीलेश ने मां-बाड़ी केंद्र के संचालन से संबंधित विषय उठाया, जबकि रोशन कटारा ने भी मां-बाड़ी केंद्र से जुड़ी समस्या से अवगत कराया।
मीणा ने संबंधित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संपर्क एआई के उपयोग पर जोर
मीणा ने राजस्थान संपर्क में उपयोग किए जा रहे संपर्क एआई की सराहना की और भविष्य में विभागीय कार्यों में इसके उपयोग की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों की नियमित समीक्षा की जाए और उनकी प्रकृति के अनुसार संबंधित स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित हो, ताकि परिवादियों को समयबद्ध और प्रभावी समाधान मिल सके।
निरीक्षण और बैठक के दौरान जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा राजस्थान संपर्क के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
