12 सितम्बर
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में राज्य में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति, विकसित भारत–जन सेवा अभियान की कार्ययोजना तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित हुई। बैठक में संबंधित विभागों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने तथा इसके माध्यम से अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान
‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा जनसेवा, सामाजिक सरोकार एवं सुशासन की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, शैक्षणिक संस्थानों में चित्रकला, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएं, प्रेरणादायी वीडियो प्रदर्शन, आशा सहयोगिनियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन, विद्यार्थियों की रैलियां, श्रमदान एवं सामुदायिक गतिविधियां, जनसेवा शिविर, रंगोली प्रदर्शन तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लंपी रोग की रोकथाम के लिए सघन टीकाकरण एवं निगरानी के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने लंपी रोग की रोकथाम के लिए अधिकारियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण, आइसोलेशन एवं व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में रोग की स्थिति की निरंतर निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
केंद्र सरकार की पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीना बी. ने देश एवं प्रदेश में रोग के संक्रमण तथा रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने निराश्रित पशुओं एवं गौशालाओं पर विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन विभाग, श्री विकास सीताराम भाले ने बताया कि रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के मद्देनजर प्रदेश में पशु मेलों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पशु परिचरों द्वारा घर-घर जाकर पशुओं का सर्वे किया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री एवं अन्य योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, राजस्व, श्री टी. रविकांत ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत श्रमिक नियोजन एवं भुगतान से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने राजीविका की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को क्लस्टर चिन्हीकरण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।
