मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में वन विभाग के डिजीवन फॉरेस्ट स्टैक की प्रगति और पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि डिजीवन फॉरेस्ट स्टैक का 1-2 जुलाई को जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में डेमो प्रस्तुत किया गया था। डिजीवन के समग्र प्रबंधन की जिम्मेदारी पीसीसीएफ (आईटी) के स्तर पर सुनिश्चित की गई है, जबकि इसके रखरखाव से संबंधित कार्य प्रोजेक्ट डायरेक्टर (CRESEP) के कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।
मुख्य सचिव के निर्देशानुसार फील्ड कार्यालयों की क्राइटेरिया-बेस्ड रैंकिंग का बीटा वर्जन तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया है। इसमें ई-फाइल निस्तारण समय, ऑनलाइन एनओसी, नर्सरी पौध बिक्री, ऑनलाइन अपराध निस्तारण, पौधारोपण स्थल निरीक्षण, कैडस्ट्रल डिजिटाइजेशन और डिजीवन के उपयोग जैसे मानकों को शामिल किया गया है।
मुख्य सचिव ने ऑनलाइन फॉरेस्ट नर्सरी सर्विस की सराहना करते हुए कहा कि इस सुविधा के माध्यम से आमजन घर बैठे पौधों की बुकिंग कर सकते हैं।
बैठक में डिजीवन की मासिक प्रगति, नए यूज केस और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर नियमित वेबिनार आयोजित करने तथा सफल कार्यप्रणालियों को अन्य फील्ड कार्यालयों में लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि डिजीवन को अन्य विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए राजस्व विभाग के भू-अभिलेख, ग्रामीण विकास विभाग के ‘हरियालो राजस्थान’ एप्लीकेशन तथा वित्त विभाग के IFMS-WAM के साथ API इंटीग्रेशन की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।
डिजीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए विशेष कार्यदल का गठन किया गया है। यह कार्यदल बेहतर एनालिटिक्स, मॉनिटरिंग और निर्णय सहयोग के लिए नए उपयोग के मामलों की पहचान करेगा।
बैठक में कार्मिकों के प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि 200 से अधिक फील्ड अधिकारियों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। डिजीवन के नए मॉड्यूल—वाइल्डलाइफ हैबिटेट मॉनिटरिंग तथा ग्रीन एवं कार्बन क्रेडिट मैनेजमेंट—को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सात दिवस के भीतर जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण देने की कार्रवाई जारी है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री आनन्द कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हैड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स श्री अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) श्री पवन कुमार उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (आईटी) श्री अनुराग भारद्वाज, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री के.सी.ए. अरुण प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
