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हर पात्र परिवार तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने माइक्रो लेवल प्लानिंग जरूरी उदयपुर।

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हर पात्र परिवार तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने माइक्रो लेवल प्लानिंग जरूरी
उदयपुर। जिले के प्रत्येक पात्र एवं कमजोर परिवा

र तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सरकारी सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय, सूक्ष्म स्तर की योजना और सतत मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ जिला प्रशासन एवं सोशल प्रोटेक्शन कोएलिशन (सेतु) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिला परिषद सभागार में डिस्ट्रिक्ट सोशल प्रोटेक्शन सेचुरेशन प्लानिंग वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने अधिकारियों का आह्वान किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए माइक्रो लेवल प्लानिंग तैयार करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र कलक्टर अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक प्रभावी रूप से सरकारी सहायता पहुंचाना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, साझा कार्ययोजना और नियमित समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे तथा इसके लिए ग्राम स्तर तक सटीक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाई जा सकती है। कार्यशाला में तैयार होने वाली रणनीति न केवल जिले अपितु राज्य और देश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मजबूत आधारशिला बनेगी और पात्र परिवारों तक योजनाओं की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रारंभ में सेतु के सलाहकार तेजेंद्र सिंह संधू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विरमाराम, संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ने जिला कलक्टर का स्वागत किया। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा, अग्रणी जिला प्रबंधक संजय गुप्ता, सेतु सलाहकार अल्का नारंग, निदेशक नीति एवं प्रशिक्षण प्रियंवदा तिवारी, कार्यक्रम समन्वयक हिमांशी द्विवेदी, राज्य समन्वयक श्याम दवे, एवं गौरव द्विवेदी आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं सेवाओं तक कमजोर और पात्र परिवारों की पहुंच को सुदृढ़ करना तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। दिनभर चली इस कार्यशाला में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, संवेदनशील वर्गों, प्रभावी योजनाओं, सामुदायिक सहयोग तंत्र, मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला के माध्यम से जिले में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समन्वित जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं एवं अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस दौरान ग्रामीण विकास, पंचायती राज, श्रम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, जनजाति क्षेत्रीय विकास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का निर्णय भी लिया गया। यह टास्क फोर्स अभियान के क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा, विभागीय समन्वय तथा प्रगति की निगरानी का कार्य करेगी। यह पहल विकसित भारत 2047 के विजन तथा राजस्थान सरकार की समावेशी एवं नागरिक-केंद्रित सुशासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भविष्य में उदयपुर मॉडल से प्राप्त अनुभव राज्य के अन्य जिलों में भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

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