प्रदेशभर में जनसेवा, सुशासन और आमजन की सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। एक माह लंबे इस अभियान के तहत 12 प्रमुख गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें अब तक 1.37 करोड़ से अधिक नागरिक भाग ले चुके हैं।
अभियान की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों, अभियान की प्रगति तथा आमजन को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों की समीक्षा की गई।
दैनिक समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने अभियान को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए दैनिक समीक्षा, प्रगति रिपोर्टिंग, फोटो-वीडियो डॉक्यूमेंटेशन तथा जिला स्तर पर नियमित सत्यापन के निर्देश दिए। सभी विभागों को ‘सफलता की कहानियों’ की पुस्तिका तैयार करने और स्थानीय मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र एवं वंचित लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। ग्रामीण सेवा शिविरों में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ अभियान की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने अभियान के दौरान प्राप्त प्रकरणों एवं आवेदनों का त्वरित निस्तारण करने तथा फील्ड स्तर पर अभियान की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी पर जोर दिया।
अधिकारियों ने अभियान की अब तक की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में मुख्य सचिव को जानकारी दी।
बैठक में अभियान के राज्य समन्वयक एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग श्री अभय कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका, युवा मामले एवं खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता, नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक गुप्ता, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव सहित संबंधित विभागों के प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित रहे। सभी संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
